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बिहार, भारत की कला, संस्कृति और साहित्य.......Art, Culture and Literature of Bihar, India ..... E-mail: editorbejodindia@gmail.com / अपनी सामग्री को ब्लॉग से डाउनलोड कर सुरक्षित कर लें.

# DAILY QUOTE # -"हर भले आदमी की एक रेल होती है/ जो माँ के घर तक जाती है/ सीटी बजाती हुई / धुआँ उड़ाती हुई"/ Every good man has a rail / Which goes to his mother / Blowing wistles / Making smokes [– आलोक धन्वा, विख्यात कवि की एक पूर्ण कविता / A full poem by Alok Dhanwa, Renowned poet]

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Monday, 27 November 2017

खगड़िया में 'कौशिकी' पत्रिका विमोचन-सह- कवि सम्मेलन का आयोजन 26.11.2017 को सम्पन्न

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खगड़़िया:26.11.2017 हिन्दी भाषा साहित्य परिषद् खगड़़िया (बिहार )के तत्वावधान में वीणा प्राइमरी एकेडमी, पिपरा चौथम में रामदेव पंडित राजा की अध्यक्षता में कौशिकी त्रैमासिक के 62 वें-63 वें अंक का विमोचन-सह -कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ ।मुख्य अतिथि के रूप में हास्य व्यंग्य के रस-सिद्ध अंगिका कवि विजेता मुदगलपुरी (मुंगेर) और विशिष्ट अतिथि के रूप में ग़ज़लकार राजेंद्र राज (लखीसराय)और अवधेश्वर प्रसाद सिंह  (समस्तीपुर) मंचस्थ थे।

फीता काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन मंचस्थ साहित्यकारों ने किया।स्वागताध्यक्ष वेद प्रकाश, प्राचार्य, वीणा प्राइमरी एकेडमी, पिपरा और स्वागत सचिव रंजीत रमण ने अतिथि कवियों, श्रोताओं और पत्रकारों का स्वागत किया ।सुश्री निशु,पूजा,आँचल,राजलक्ष्मी, पार्वती, अनामिका और मौसम ने स्वागत गान की नृत्य प्रस्तुति से अतिथियों का भव्य स्वागत किया ।

मंचस्थ अतिथियों के साथ कौशिकी के प्रधान सम्पादक रामदेव पंडित राजा, सम्पादक कैलाश झा किंकर ,सचिव कविता परवाना और शिवकुमार सुमन ने कौशिकी के 62वें-63वें अंक का विमोचन किया ।विगत 16 वर्षों से बिना विज्ञापन के प्रकाशित होती आई कौशिकी में कविता- गीत- ग़ज़ल, कहानी, लेख, आलेख, संस्मरण के साथ-साथ स्थाई स्तंभ पुस्तक दर्शन, पत्रिका दर्शन, गतिविधियाँ,समीक्षा आदि सामग्रियां प्रकाशित होती हैं।

कवि सम्मेलन की शुरूआत सरस्वती वन्दना से हुई। कविता पाठ करनेवालों में सर्वश्री विजेता मुदगलपुरी, राजेन्द्र राज,अवधेश्वर प्रसाद सिंह,कविता परवाना,चन्द्र प्रकाश राम, अशोक कुमार चौधरी, शिव कुमार सुमन,नन्द किशोर सिंह, चम्पा राय ,प्रीति कुमारी, निशांत आर्या सुमन, रंजीत रमण, सुनील कुमार मिश्र ,कैलाश झा किंकर, रामदेव पंडित राजा आदि प्रमुख थे। शानदार मंच संचालन शिव कुमार ने किया। 

धन्यवाद ज्ञापन स्वागत सचिव रंजीत रमण ने किया।अध्यक्ष रामदेव पंडित राजा ने कार्यक्रम के समापन की घोषणा की ।
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सांस्कृतिक परिक्रमा अंक - 27.11.2017 (Cultural Roundup by Bihari Dhamaka) / नेपाल, मुम्बई, प. बंगाल, दिल्ली, आरा, मुंगेर, दरभंगा, खगड़िया, सोनपुर, सुल्तानगंज, पटना आदि स्थानों के कार्यक्रम

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नेपाल, मुम्बई, प. बंगाल, दिल्ली, आरा,मुंगेर, दरभंगा, खगड़िया, सोनपुर, सुल्तानगंज, पटना आदि स्थानों के कार्यक्रम भी
नोट: सांस्कृतिक परिक्रमा में बिहारी संस्कृति से सम्बंधित दुनिया भर के कुछ कार्यक्रमों को शामिल किया जाता है. इस अंक में 27 नवम्बर'17 की अर्धरात्रि तक मिली सामग्री को शामिल किया जा सकता है. आप अपने सांस्कृतिक कार्यक्र्म को इसमें या अगले अंक में शामिल कराने हेतु संक्षिप्त रिपोर्ट और चित्र ईमेल से hemantdas_2001@yahoo.com पर भेजें. धन्यवाद.

जनकपुर, नेपाल.25.11.2017. अंतर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन में गिरीश चंद्र लाल (बायें से दूसरे) एवं अन्य गणमान्य प्रतिनिधि. नेपाल के लोग मैथिली के प्रचार-प्रसार के लिए बहुत ज्यादा गम्भीर हैं और इस भाषा को उस राष्ट्र की दूसरी राजभाषा का दर्जा भी प्राप्त है. (नीचे का एक चित्र भी)


आरा, 26.11.2017.तजईन-ए-अदब आरा के तत्वावधान में 26 नवम्बर 2017 को आयोजित गोष्ठी की झलक उक्त अवसर पर सिद्धार्थ बल्लभ के सम्पादन में प्रकाशित पत्रिका 'मनिका' के विमोचन का मंजर ,कार्यक्रम की सदारत वारिष्ठ शायर शमीम यूसुफी एंव वारिष्ठ कवि कथाकार एंव आलोचक जीतेन्द्र कुमार ने की एंव मंच का संचालन इम्तियाज अहमद दानिश ने किया उक्त अवसर पर यह हम लोगों का सौभाग्य रहा की कथाकार शीन हयात इस गोष्ठी में शामिल हुये ओर अपनी कहानी शीर्षक "रौशनी का सफर " का पाठ किया

खगड़़िया:19.11.2017 ‌हिन्दी भाषा साहित्य परिषद् खगड़़िया,बिहार के तत्वावधान में श्याम लाल ट्रस्ट भवन,खगड़़िया में कोशी कालेज खगड़़िया के प्राध्यापक/साहित्यकार डा0 रामबली परवाना की 26वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कवयित्री सम्मेलन का उद्घाटन कवयित्री मुकुल लाल एवम् मंचस्थ अतिथियों ने दीप प्रज्वलन करके किया। शिखर संरक्षिका सरस्वती परवाना की अध्यक्षता और अणिमा रानी के संचालन में आयोजित इस कवयित्री सम्मेलन की मुख्य अतिथि मंजुला उपाध्याय और विशिष्ट अतिथि  सुषमा सिन्हा ,माधवी चौधरी,रंजना सिंह,नीना मंदिलवार, रंजना सिंह (बिहट), शगुफ्ता ताजवर, स्मिताश्री, रूपम झा,रंजू ज्योति,  प्रभा कुमारी, रेखा कुमारी,संगीता चौरसिया, कविता परवाना, चम्पा राय,मारिया फर्नांडिस,दिव्या चौहान जैसी तमाम उपस्थित कवयित्रियों ने हिन्दी भाषा साहित्य परिषद्, खगड़़िया को अपने कविता-पाठ से गुंजायमान कर दिया। सभी कवयित्रियों को रामबली परवाना स्मृति सम्मान, शाल,प्रतीक चिह्न,पत्रिकाएं और सम्मान राशि आदि से परिषद ने सम्मानित किया। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कैलाश झा किंकर ने सभी कवयित्रियों/श्रोताओं/पत्रकारों के प्रति आभार व्यक्त किया । (नीचे के दो चित्र भी) 




इस्लामपुर (प. बंगाल) मे 'आल इंडिया मुशायरा' में इमरान प्रतापगढ़ी, फलक सुल्तानपुरी, तबरेज हाशमी आदि के साथ पटना की शायर आराधना प्रसाद (नीचे का एक चित्र भी)



अतीत की याद- स्वतंत्रता सेनानी प्रताप नारायण वाजपेयी का जन्म लगभग सवा सौ वर्ष पहले हुआ था। जब 1920 में गाँधी जी चंपारण से लौट रहे थे तब उन्होंने देवदास गाँधी के साथ वाजपेयी जी को हिंदी प्रचार- देश सेवा के लिए मद्रास भेजा। वहाँ वाजपेयी जी का हिंदी का हीर काफी चर्चित हुआ इसके 50 संस्करण प्रकाशित हुये। इनको धोखे से बंदी बनाया गया। सन्1924 यानी अगहन कृष्ण 12 संवत् 1980 दिन बुधवार को दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर वीर गति को प्राप्त हुये। इस बिहारी प्रथम शहीद को मद्रास की जनता ने अपने सिर ऑखों पर रखा। मगर बिहार छोड़ पटना सिटी वासी भी भूल गये। मानवोदय यथा संभव कोशिश में है कि उनकी स्मृति को जनमानस में कायम रखी जाय.

 दुआओं का आसमान इतना तवील होता है कि हम जहाँ भी रहें रहमतों का सायबान मिल ही जाता है । रहमानी फाउंडेशन के तहत दुनिया भर में बहुत ही एहतेराम के साथ नाम ली जाने वाली शख़्सियत चिंतक विचारक हज़रत मौलाना मुहम्मद वली साहब रहमानी की सदारत में महान आलोचक शायर लुत्फुर रहमान पर मुंगेर में आयोजित नेशनल सेमिनानार के उदघाटन सत्र में एक अतिथि के रूप में कासिम खुरशीद की तक़रीर को विद्वानों  ने बहुत ही पुरअसर और सामयिक कहा। (नीचे केे तीन  चित्र भी)






(चित्र में प्रभात कु. धवन काव्य पाठ करते हुए  दाहिने से बैठे हुए राजकुमार प्रेमी, योगेंद्र प्र. मिश्र, दो अन्य गणमान्य कवियों के बाद डॉ. शंकर प्रसाद  हैं. साथ में हैं अन्य गणमान्य कविगण) महान साहित्यकार पोद्दार रामावतार अरुण जी की जयंती पर आयोजित कवि-गोष्ठी बहुत सुंदर रही. स्थान- बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन, पटना. (नीचे के दो चित्र भी)

युवाकवि कुन्दन आनंद काव्य पाठ करते हुए

दाहिने से पहले योगेंद्र प्रसाद मिश्र और तीसरे डॉ. शंकर प्रसाद के साथ अन्य गणमान्य कविगण

नई दिल्ली (23  नवम्बर) के कार्यक्रम में शंकरानंद. शंकरानन्द की पहली किताब "पदचाप के साथ" भारतीय भाषा परिषद्, कोलकाता से प्रथम कृति प्रकाशन माला के अन्तर्गत चयनित और प्रकाशित हुई थी।दूसरी किताब "दूसरे दिन के लिए " बिहार मंत्रिमंडल सचिवालय (राजभाषा ) विभाग के पांडुलिपि प्रकाशन अनुदान  से चयनित होकर बोधिप्रकाशन, जयपुर से प्रकाशित हुई थी। शंकरानन्द की कहानियाँ और कविताएँ वागर्थ, बया,समकालीन साहित्य, हंस, कथन, वसुधा, वर्तमान साहित्य,नया ज्ञानोदय, परिकथा, जनपक्ष, आलोचना, वाक, माध्यम, शुक्रवार साहित्य     वार्षिकी, स्वधीनता, साक्षात्कार, सदानीरा, मंतव्य, दस्तावेज, जनसत्ता, समावर्तन, कौशिकी, परिचय, आउटलुक, दुनिया इन दिनों,हिन्दुस्तान, प्रभात ख़बर जैसी बेहतरीन पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। आकाशवाणी भागलपुर और पटना दूरदर्शन से भी शंकरानन्द की रचनाएँ प्रसारित होती रही हैं। (नीचे का एक चित्र भी)


Renowned litterateur and social activist Mamta Mehrotra in a program on how to counter the menace of dowry. (One pic more plalced below)


(ऊपर चित्र में 'दिल्ली चीखती है' के शायर समीर परिमल अपनी गज़लें पढ़ते हुए)
सोनपुर: (19.11.17) कविता एक्सप्रेस के रूप में संचालित इस कवि सम्मेलन का उद्घाटन मंडल रेल प्रबंधक अतुल्य सिन्हा, अपर मंडल रेल प्रबंधक पी के सिन्हा, पूर्व मध्य रेल महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा सोनाली सिन्हा और उपाध्यक्ष रत्नम सिन्हा ने दीप प्रज्वलित करके किया । उसके बाद सोनपुर मंडल के राजभाषा विभाग की गृह पत्रिका कलरव के नए अंक का विमोचन मंडल रेल प्रबंधक अतुल्य सिन्हा द्वारा किया गया । इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए अतुल्य सिन्हा ने कहा कि आम लोगों को रेलवे की कार्यप्रणाली से जोड़ने के लिए रेल ग्राम प्रदर्शनी लगाई गई है । सोनपुर मंडल में हिंदी भाषा में बहुत बढ़िया काम हो रहा है । साहित्य और साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए भी सोनपुर मंडल प्रयासरत रहता है । कवि सम्मेलन की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि सीताराम सिंह ने की । मंच से राणा प्रताप सिंह, समीर परिमल, गणेश जी बागी,अरविंद श्रीवास्तव, राजकिशोर राजन, शहंशाह आलम, सूरज ठाकुर बिहारी, किशलय किशोर, डॉ केकी कृष्ण,डॉ चंद्रदेव सिंह, डॉ कासिम खुर्शीद,संजय कुमार कुंदन, तबरेज हाशमी,नागेंद्र मणि और दिलीप कुमार ने अपनी- अपनी कविताओं का पाठ किया । हजारों की संख्या में कविता प्रेमियों ने रेलवे के सांस्कृतिक मंच पर आयोजित इस कवि सम्मेलन का लुत्फ उठाया । धन्यवाद ज्ञापन सोनपुर के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक दिलीप कुमार ने किया । (नीचे के दो चित्र भी)


शायर संजय कुमार कुन्दन काव्य पाठ करते हुए.

कवि गणेश जी बागी काव्य पाठ करते हुए. पीछे बैठे हुए कवियों में बायें से दूसरे राजकिशोर राजन.
मैथिली पत्रिका खरीदने हेतु पता.(साभार- अजित आज़ाद)





सुप्रसिद्ध लेखिका अपनी लैंगिक असमानता पर अपनी नई पुस्तक के साथ. ध्यातव्य है कि इस लेखिका ने विभिन्न सामाजिक विषयों पर लगाभग दो दर्जन पुस्तक लिख चुकी हैं और इनका नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ड्स रिकॉर्ड्स में इसलिए दर्ज है क्योंकि इनकी एक पुस्तक पर हुए शोध-प्रबंध का सबसे अधिक भाषाओं में अनुवाद हुआ है. 

परसा (पटना) 19.11.2017. विश्व टॉयलेट दिवस के अवसर पर मंथन कला परिषद के कलाकारों द्वारा प्रमोद कु. त्रिपाठी लिखित/ निर्देशित नुक्कड़ नाटक 'टोइलेट' का प्रदर्शन.हुआ. कलाकार थे अमन, राजेश, अंजलि, सोलू, शिखा आदि. संगीत श्यामकांत और संजय कुमार का था. (नीचे का एक चित्र भी)




दरभंगा में गायन प्रस्तुत करते प्रसिद्ध गायक सुंदरम

कवि हेमन्त हिम गायिका डॉ.नीरजा दास एवं तबलावादक संतोष कुमार के साथ दरभंगा के एक कार्यक्रम में
 


कालिदास रंगालय, पटना में 25 से 29 नवम्बर तक रोज 6.50 बजे सायं से नाटक शुरू होगा

हाल ही में कालिदास रंगालय, पटना में बंगलादेश से आये नाटक कलाकार नाट्य प्रस्तुति के बाद.(बायें से दूसरे नम्बर पर हैं कुमार अनुपम)
Navi  Mumbai.  Smreeti Shree of Darbhanga is emerging fast as a theme party decorator in Navi Mumbai. Her firm is Memory Mantra. She is getting daily new orders for the parties for birthday, mariiage anniversay etc.. She is an MCA and her husband Ajay Mohan (CS and CMA) supports her in her entrepreneurship. (One more pic below)

Smreeti Shree, Memory Mantra (theme party decorators)

हाल ही में हुए एक कार्यक्रम में अपने गायन का प्रदर्शन करती सुप्रसिद्ध लोक गायिका नीतू नवगीत

Sunday, 26 November 2017

विलुप्तप्राय गौरैया के प्रति जागरूक करती संजय कुमार की छायाचित्र प्रदर्शनी 24.11.2017 को सोनपुर में सम्पन्न (Photo Exhibition by Sanjay Kumar)

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‘सोनपुर। 24.11.2017. प्रेस इन्फोर्मेशन ब्यूरो पटना के सहायक निदेशक
और लेखक संजय कुमार द्वारा खींची  विलुप्त होती  ‘गौरैया’ की  तस्वीरों की एक दिवसीय  प्रदर्शनी लोगों के बीच आर्कषण का केन्द्र बनी रही। ‘‘मैं जिंदा हूँ.....गौरैया’’,   फोटो प्रदर्शनी गौरैया’  संरक्षण का संदेश देता दिखा। गौरैया की विभिन्न  अदाओं को इसमें समेटा गया। इसके संरक्षण को लेकर  लोगों से फोटों के माध्यम से अपील की गयी है।
[Editor's Note: Presence of every creature not merely add to the vivaciousness of our life, in fact this also assures us about maintenance of a sustainable ecosystem for perpetual existence of life on the earth. So, the photographer Sanjay Kumar rightly says that he is alive to think for the protection of this little beautiful innocent creature. We applaud his effort as well as the State Govt that declared sparrow it's provincial bird.]

‘‘ मैं जिंदा हूँ.....गौरैया’’,  फोटो प्रदर्शनी  का उद्धाटन  सोनपुर के मंडल रेल प्रबंधक  अतुल्य सिन्हा, मंडल रेल प्रबंधक पी के सिन्हा वरिष्ठ मंडल इंजीनियर जावेद अख्तर और वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक दिलीप कुमार ने किया। मौके पर  मंडल रेल प्रबंधक अतुल्य सिन्हा ने कहा कि छोटे आकार वाली खूबसूरत  गौरैया  पक्षी का ज्रिक आते  ही  बचपन की याद आ जाती है। कभी इसका बसेरा इंसानों के घर-आंगन में  हुआ  करता था । रेलवे स्टेशनों पर भी बड़ी संख्या में गोराया दिखते थे । अभी भी बड़े जंक्शन स्टेशनों पर गौरैया दिखाई देते हैं । लेकिन  बदलते  पर्यावरण के कारण इनके संख्या में कमी आई है जो चिंता का विषय है । संजय कुमार की यह प्रदर्शनी  गौरैया के प्रति जागरूकता लाने में विशेष भूमिका निभाएगी ।

अपर मंडल रेल प्रबंधक पी के सिन्हा ने कहा कि सबको मिलकर नन्ही सी चिड़िया गौरैया के  संरक्षण के  लिए  आगे आना होगा।  लेखक पत्रकार और ‘गौरैया’  संरक्षण में वर्षो से सक्रिय  संजय कुमार ने कहा कि  इस फोटो प्रदर्शनी का  मकसद लोगों को गौरैया  के प्रति संवेदनशील  बनाना  है ताकि इस का संरक्षण  हो सकें।उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में लगी सभी तस्वीरें मेरे घर  की है  श्री कुमार ने कहा कि घर-आंगन में  चहकने-फूदकने  वाली छोटी सी  प्यारी चिड़िया गौरैया की आबादी में 60 से 80 फीसदी तक की कमी आई है। गौरैया के अस्तित्व पर  छाए  संकट के बादलों  ने इसकी संख्या काफी  कम कर दी है। और कहीं  कहीं तो अब यह बिल्कुल दिखाई ही नहीं देती। उन्होंने कहा कि बिहार  सरकार ने गौरैया को संरक्षण  देने को लेकर  पहल  शुरू करते हुए  जनवरी  2013 में गौरैया को  राजकीय पक्षी को घोषित  कर रखा है। लोगों के घर-आंगन बालकोनी में इसकी  चहचहाट दूबारा गूंजने लगे  इसे लेकर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।सरकारी और गैरसरकारी  संस्थान की ओर से  लोगों  को गौरैया बाक्सऔर कृत्रित घोषला दिया जाता है। श्री कुमार ने बताया कि लोग भी जागरूक हुए  है  लोगों  के घरों में गौरैया बाक्स  और कृत्रिम घोंसला नजर  आने लगा है।

इस अवसर पर वरिष्ठ  वाणिज्य अधिकारी दिलीप कुमार ने कहा कि विलुप्त  हो रही प्रजातियों की सूची मेंआयी गौरैया को संरक्षित करने की दिशा में यह फोटो  प्रदर्शनी एक महत्वपूर्ण  कदम साबित होगी। उन्होंने कहा कि आवासीय गिरावट,पेड़ों की कमी और सब्जी-फल-अनाज में कीटनाशकों के इस्तेमाल गौरैया की आबादी में ह्रास का एक बड़ा कारण  बनता जा रहा है।

प्रदर्शनी के दौरान आयोजित वार्ता सत्र में सोनपुर के वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी अजीत कुमार, सीआरडी के शाकिब जिया मनीष और नेहा ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।
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